Shri Pretraj Sarkar Aarti: Mehandipur Balaji Mandir  located in the india state of Rajasthan  is a mandir  dedicated to the hindu God Hanuman . The name Balaji is applied to Sri Hanuman  in several parts of India  because the childhood form of the Lord is especially celebrated in those parts.Read More →

Sheetla-mata-aarti-hindi-1

Sheetla mata ki Aarti lyrics in Hindi : Legend says that Rishi Sharadwan had two children. Thinking that the two would disturb him in his worship he leaves them in the the jungle. Bheeshma’s father, King Shantanu, comes across the two children and recognises them as Rishi children as they possessRead More →

Shri Ram Aarti आरती कीजे श्री रामचंद्र की । दुष्टदलन सीतापति जी की ॥ पहली आरती पुष्पन की माला l काली नाग नाथ लाए गोपाला ॥ दूसरी आरती देवकी नंदन l भक्त उबारन कंस निकंदन ॥ तीसरी आरती त्रिभुवन मोहे l रत्न सिंहासन सीता राम जी सोहे ॥ चौथी आरतीRead More →

Shri Vishwakarma  Aarti JAI SHRI VISHWAKARMA PRABHU, JAI SHRI VISHWAKARMA | SAKAL SRISHTI KE KARTA, RAKSHAK STUTI DHARMA AADI SRISHTI ME VIDHI KO SHRUTI UPDESH DIYA | JEEV MATRA KA JAG ME, GYAN VIKAS KIYA || RISHI ANGIRA TAP SE, SHANTI NAHIN PAI | ROG GRAST RAJA NE JAB AASHRAYARead More →

Parvati mata Aarti जय पार्वती माता, जय पार्वती माता। ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता॥ जय.. अरिकुल पद्म विनासनि जय सेवक त्राता। जग जीवन जगदम्बा, हरिहर गुण गाता॥ जय.. सिंह को वाहन साजे, कुण्डल है साथा। देव वधू जह गावत, नृत्य करत ता था॥ जय.. सतयुग रूपशील अतिसुन्दर, नामRead More →

Jai Santoshi mata ki aarti: The aarti given here is devotionals prayer to worship maa Santoshi. Mata santoshi vrat and aarti is done on friday and it is considered as highly fruitful. Santoshi mata ki aarti जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता । अपने सेवक जन को, सुख संपतिRead More →

Shri Annapurna Devi Aarti बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम .. जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम। अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम॥ बारम्बार .. प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर, कालान्तर तक नाम। सुर सुरों की रचना करती, कहाँ कृष्ण कहाँ राम॥ बारम्बार .. चूमहि चरण चतुर चतुरानन,Read More →

Shri Narmada Aarti ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनंद कन्दी । ब्रह्मा हरिहर शंकर रेवा, शिव हरिशंकर रुद्री पालन्ती । ॐ जय ॥ क॥ देवी नारद शारद तुम, वरदायक अभिनव पद्चंदी । सुरनर मुनि जन सेवत, सुरनर मुनि शारद पदवन्ती । ॐ जय ॥ खा॥ देवी धूमक वाहन, राजत वीणाRead More →