मा शकुंभारी देवी चालीसा दोहा दाहिने भीमा ब्रामरी अपनी छवि दिखाए | बाई ओर सतची नेत्रो को चैन दीवलए | भूर देव महारानी के सेवक पहरेदार | मा शकुंभारी देवी की जाग मई जे जे कार ||   चौपाई जे जे श्री शकुंभारी माता | हर कोई तुमको सिष नवताRead More →

Maa Vaishno Devi Chalisa सीपवा स्वरूपा सर्वा गुणी ! (मेरी मैया) वैष्णो कष्ट निदान !! शक्ति भक्ति दो हो ह्यूम ! दिव्या शक्ति की ख़ान !! अभ डायइनि भय मोचनी ! करुणा की अवतार !! संकट ट्रस्ट भक्तों का ! कर भी दो उधार !! !! जय जय अंबे जयRead More →

Maa Chamunda Devi  Chalisa दोहा नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड | दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़ | मधु केटभ संहार कर करी धर्म की जीत | मेरी भी बढ़ा हरो हो जो कर्म पुनीत || चौपाई नमस्कार चामुंडा माता | तीनो लोक मई मई विख्याताRead More →

मा बृजेश्वरी देवी चालीसा दोहा शक्ति पीठ सूभ कांगड़ा बरिजेस्वरी सूभ धाम | ब्रह्ममा विष्णु ओर शिव करते तुम्हे प्रडम || धीयाँ भारू मा आपका ज्योति अखंध स्वरूप | टीन लोक के प्राडो को देते छाया धूप || चौपाई जय जय गौरी कांगदे वा;ओ | बरिजेस्वरी आमम्बा महाकाली || सतीRead More →

Maa Jwala Chalisa दोहा शक्ति पीठ मा जवलपा धरू तुम्हारा धीयाँ | हृद्या से सिमरन करू दो भक्ति वरदान || सुख वैभव सब दीजिए बनू तिहरा दास | दया दृष्टि करो भगवती ापमई है विश्वश || चौपाई नमस्कार है जवाला माता | दिन दुखी की भाग्या विधाता || ज्योति आपकीRead More →

Naina Devi Chalisa दोहा नेनो बस्ती छवि सकता दुरगे नेना मॅट | प्रथा काल सिमरन कारू की विख्यात जग हैं | सुख वैभव साब आपके चरणो का प्रताप | ममता अपनी दीजिए माई बालक कारू जाप | | चोपैई नमस्कार हैं नेना माता | दीन दुखी की भाग्य विधाता |Read More →

श्री काली माता जी की चालीसा जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार । महिष मर्दिनी कालिका , देहु अभय अपार ॥ अरि मद मान मिटावन हारी । मुण्डमाल गल सोहत प्यारी ॥ अष्टभुजी सुखदायक माता । दुष्टदलन जग में विख्याता ॥ भाल विशाल मुकुट छवि छाजै । कर में शीश शत्रुRead More →

Saraswati Chalisa ॥दोहा॥ जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को, मातु तु ही अब हन्तु॥ जय श्री सकल बुद्धि बलरासी।जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी॥ जय जय जय वीणाकर धारी।करती सदा सुहंस सवारी॥Read More →

नवग्रह चालीसा श्री गणपति ग़ुरुपद कमल, प्रेम सहित शिरानाया lनवग्रह चालीसा कहत,शारद होत सहाय ll जय जय रवि शशि सोम बुध,जय गुरु भ्रगु शनि राज ll जयति राहू अरु केतु ग्रह, करहु अनुग्रह आजा ll श्री सूर्य स्तुति प्रथमही रवि कहं नावौ माथा, करहु कृपा जन जानी अनाथा l हेRead More →

भैरव चालीसा ।। दोहा ।। श्री गणपति, गुरु गौरिपद l प्रेम सहित धरी माथ। चालीसा वंदन करौं l श्री शिव भैरवनाथ।। श्री भैरव संकट हरण l मंगल करण कृपाल। श्याम वरन विकराल वपु l लोचन लाल विशाल।। जय जय श्री काली के लाला। जयति जयति कशी कुतवाला।। जयति ‘बटुक भैरव’Read More →