Shri Chamunda Devi Aarti

जय चामुंडा माता मैया जय चामुंडा माता |
सरण आए जोत एर सब कुछ पा जाता ||
चाँद मूंद दो रक्चास हुए है बलसाली |
उनको तूने मारा क्रोध दृष्टि डाली ||
चोसत योगञी आकर तांडव निरटया करे |
बावन भेरो झूमे विपदा आनन हारे ||
शक्ति धाम कहती पीछे शिव मंडर |
सिहराज यहा रहते घंटा दवणी बजे |
निर्मल धारा जल की वेडर नदी साजे ||
क्रोध रूप मई खप्पर खाली नही रहता |
शांत रूप जो धियावे आनंद भर देता ||
हनुमत बाला योगी धड़े बलशाली |
कारज पुरद करती दुर्गा महाकालिल ||
रिद्धि सिद्धि देकर जान के पाप हारे |
सरणागत जो होता आनंद राज करे ||
शुभ गुड मंदिर वालीओमकिरपा कीजे |
दुख जीवन के संकट आकर हर लीजे ||