श्री गिरिराज जी चालीसा दोहा बँडहू वीदा वाडिनी, धरी गणपति को धीयाना | महाशक्ति राधा सहित, कृशन करो कल्लयन || चौपाई जय हो जय बंधित्त डिरिराजा | वाज्रर मंडल के श्री महाराजा || विष्णु रूप हो तुम अवतारी | सुंदरता पे जाग बलिहारी || सवर्ण शिखर आती सोभा पामे |Read More →