श्री राम चालीसा दोहा गणपति चरण सरोज गहि । चरणोदक धरि भाल ।। लिखौं विमल रामावली । सुमिरि अंजनीलाल ।। राम चरित वर्णन करौं । रामहिं हृदय मनाई ।। मदन कदन रत राखि सिर । मन कहँ ताप मिटाई ।। चौपाई राम रमापति रघुपति जै जै । महा लोकपति जगपतिRead More →