भगवान्‌ का वरदान

दोहा : * जानि सभय सुर भूमि सुनि बचन समेत सनेह। गगनगिरा गंभीर भइ हरनि सोक संदेह॥186॥ भावार्थ:-देवताओं और पृथ्वी को भयभीत जानकर और उनके...