Lord Shiv ji somvar vrat katha

Somvaar Vrat Katha: Somvaar fast vrat or upvas being done on Monday for Shivji . We have here the vrat katha in hindi. we also have vrat katha in English and aarti on another page coming up soon. बहुत समय पहले एक नगर में एक धनाढ्य व्यापारी रहता था। दूर-दूर तक उसका व्यापार फैलाRead More →

पुराणों में इसके विषय में एक कथा मिलती है। प्राचीनकाल में भोगीपुर नामक एक नगर था। वहाँ पर अनेक ऐश्वर्यों से युक्त पुण्डरीक नाम का एक राजा राज्य करता था। भोगीपुर नगर में अनेक अप्सरा, किन्नर तथा गन्धर्व वास करते थे। उनमें से एक जगह ललिता और ललित नाम केRead More →

एक बुढिय़ा थी, उसके सात बेटे थे। छह कमाने वाले थे। एक निक्कमा था। बुढिय़ा मां छहो बेटों की रसोई बनाती, भोजन कराती और कुछ झूटन बचती वह सातवें को दे देती थी, परन्तु वह बड़ा भोला-भाला था, मन में कुछ विचार नहीं करता था। एक दिन वह बहू सेRead More →

Brahaspativaar Vrat Katha in Hindi: Brahaspativaar Vrat Katha,  बृहस्पतिवार व्रत कथा or veervar Brihaspativar katha or guruvar – fast for Thursday Devguru – Brihaspati  Dev. if you are looking for brihaspativaar vrat kath, here we have katha in Hindi. We have another page for Brahaspativaar Vrat Katha in English comingRead More →

Budhvaar Vrat Katha in Hindi: Budhwar fast vrat or upvas being done on Wednesday for Budh dev or planet mercury. We have here the vrat katha in hindi. we also have vrat katha in English and aarti on another page coming up soon. समय किसी नगर एक साहुकार था| वह बहुतRead More →

मृत्यु लोक में विवाह करने की इच्छा करके एक बार श्री भगवान शिवजी माता पार्वती के साथ पधारे वहाँ वे भ्रमण करते-करते विदर्भ देशांतर्गत अमरावती नाम की अतीव रमणीक नगरी में पहुँचे । अमरावती नगरी अमरपुरी के सदृश सब प्रकार के सुखों से परिपूर्ण थी । उसमें वहां के महाराजRead More →

एक बुढ़िया का नियम था प्रति रविवार को प्रातः स्नान कर, घर को गोबर से लीप कर, भिजन तैयार कर, भगवान को भोग लगा कर, स्वयं भोजन करती थी. ऐसा व्रत करने से उसका घर सभी धन धान्य से परिपूर्ण था. इस प्रकार कुछ दिन उपरांत, उसकी एक पड़ोसन, जिसकीRead More →